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October 13, 2021
यू ग्रो कैपिटल और किनारा कैपिटल ने को-ओरिजिनेशन साझीदारी की घोषणा की

    • किनारा कैपिटल ने यू ग्रो कैपिटल के ग्रो एक्स-स्ट्रीम प्लेटफॉर्म के साथ अपने प्लेटफॉर्म को जोड़ा
    • यू ग्रो ने एमएसएमई को कोलैटरल-फ्री लोन्‍स में 100 करोड़़ रु. देने का वचन दिया

    मुंबई, 13 अक्टूबर, 2021: यू ग्रो कैपिटल, जो कि एमएसएमई पर केंद्रित एवं छोटे व्‍यवसायों को ऋण देने वाला एक सूचीबद्ध फिनटेक प्‍लेटफॉर्म है, और किनारा कैपिटल, जो कि तेजी से बढ़ती हुई फिनटेक कंपनी है, ने भारत के छोटे व्‍यावसायिक उद्यमों को कोलैटरल-फ्री बिजनेस लोन उपलब्‍ध कराने के लिए आज महत्‍वपूर्ण को-ओरिजिनेशन साझीदारी की घोषणा की। साथ मिलकर दोनों कंपनियों ने वित्‍त वर्ष 2022 के अंत तक मैन्‍युफैक्‍चरिंग, ट्रेडिंग एवं सेवा क्षेत्रों से जुड़े एमएसएमई को 100 करोड़ रु. वितरित करने की योजना बनायी है।

    इस को-ओरिजिनेशन व्यवस्था के अंतर्गत यू ग्रो के विश्‍लेषणात्मक डेटा-आधारित डिसिजनिंग एवं एपीआई के जरिए एकीकरण के साथ किनारा कैपिटल के स्‍मार्ट टेक्‍नोलॉजी प्‍लेटफॉर्म को उपयोग में लाया जायेगा। एआई/एमएल आधारित निर्णय एवं हामीदारी में वर्षों के अनुभव के साथ, किनारा कैपिटल 24 घंटे के भीतर एमएसएमई उद्यमी से ऋण के आवेदन से लेकर ऋण के वितरण की प्रक्रिया पूरी कर सकता है। इस साझेदारी से टियर 1-3 शहरों के 300 से अधिक पिनकोड्स के एमएसएमई लाभान्वित हो सकेंगे। किनारा वर्तमान में आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, तेलंगाना और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी के शहरी, अर्द्ध-शहरी और परिनगरीय क्षेत्रों में परिचालन कर रहा है।

    यू ग्रो कैपिटल के ग्रो एक्स-स्‍ट्रीम प्‍लेटफॉर्म द्वारा इस सहयोग को संभव किया जा रहा है, जो कि फिनटेक्‍स, पेमेंट प्‍लेटफॉर्म्‍स, एनबीएफसी, नियोबैंक्‍स, मार्केट प्‍लेसेज एवं अन्‍य डिजिटल प्लेटफॉर्म्‍स के लिए एपीआई-आधारित एवं अत्यंत कस्टमाइजेबल टेक्‍नोलॉजी प्लेटफॉर्म है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए, यू ग्रो एमएसएमई लोन्‍स को समन्वित करता है और बड़े बैंकों एवं वित्‍तीय संस्‍थाओं के साथ सह-ऋण भी प्रदान करता है। कंपनी कई साझीदारों के साथ 15 से अधिक को-ओरिजिनेशन सहयोगों पर हस्‍ताक्षर कर चुकी है।

    यू ग्रो कैपिटल और किनारा कैपिटल का लक्ष्य उन सैकड़ों छोटे व्यवसाय उद्यमियों के लिए औपचारिक ऋण तक पहुंच को आसान बनाना है, जिन्हें व्यवसाय के विकास के लिए वित्तपोषण की आवश्यकता है।

    यू ग्रो के कार्यकारी अध्‍यक्ष और प्रबंध निदेशक, श्री शचिन्‍द्र नाथ ने कहा, ”हम अनसुलझे एमएसएमई क्रेडिट गैप को हल करने के अपने दृष्टिकोण की दिशा में किनारा कैपिटल के साथ साझेदारी करने को लेकर उत्साहित हैं। हमारा मानना ​​है कि एमएसएमई के वित्तीय समावेशन को प्राप्त करने के लिए फिनटेक के साथ सह-उत्पत्ति सबसे प्रभावी मार्गों में से एक है, जिसने हमें अपने प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म ‘ग्रो एक्स-स्ट्रीम’ को डिजाइन करने के लिए प्रेरित किया है, जिससे इस तरह के आवश्यक सहयोग फलीभूत हो सकें। हम किनारा कैपिटल के साथ दीर्घकालिक संबंध और ज्‍यादा से ज्‍यादा एमएसएमई को उनके विकास के लिए समर्थन देने के अपने साझा उद्देश्य की दिशा में काम करने की आशा करते हैं।”

    किनारा कैपिटल के संस्‍थापक और मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी, हार्दिक शाह ने कहा, ”हमें यू ग्रो कैपिटल के साथ काम करने की खुशी है क्योंकि भारत के छोटे व्यवसाय उद्यमियों को समर्थन देने पर हम समान रूप से केंद्रित हैं। एक भागीदार के रूप में, यू ग्रो ने एमएसएमई क्षेत्र में ऋण प्रवाह को आसान बनाने में हमारे साथ शामिल होने के लिए अपने वित्तपोषण और प्रौद्योगिकी के साथ समान भागों की प्रतिबद्धता का प्रदर्शन किया है। यह स्थानीय और राष्ट्रीय दोनों अर्थव्यवस्थाओं को तुरंत प्रभावित करता है, और रोजगार सृजन आवश्यक है क्योंकि इस वर्ष व्यवसायों का पुनर्निर्माण और विकास जारी है।”

    को-ओरिजिनेशन साझीदारी का उद्देश्य उद्यमियों के लिए प्रक्रिया को निर्बाध बनाए रखना है। एमएसएमई को केवल एक बार सीधे किनारा कैपिटल के यहां आवेदन करना होगा और फिर वो किनारा के प्रतिनिधि के साथ ऑनलाइन, फोन द्वारा या आमने-सामने मिलकर प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। अनुमोदन हो जाने पर, ऋण स्वीकृति दस्तावेजों में यू ग्रो कैपिटल और किनारा कैपिटल दोनों के ही नाम होंगे। ग्राहक अनुभव का प्रबंधन किनारा कैपिटल द्वारा किया जाता रहेगा जो देशी भाषा में संपूर्ण सहयोग प्रदान करते हैं और अतिरिक्‍त सहायता भी प्रदान करते हैं जैसे कि नि:शुल्‍क डिजिटल वर्कशॉप सीरीज जिसमें विकास के लिए व्‍यावसायिक सुझाव प्रदान किया जाता है।

    एमएसएमई के लिए 1 लाख रु. से लेकर 30 लाख रुपये तक का वित्तपोषण उपलब्‍ध होगा जिसकी अवधि 12-60 महीने की होगी। कार्यशील पूंजी, किनारा कैपिटल से सीधे खरीदी गयी परिसंपत्ति के लिए वित्‍तपोषण का लाभ लिया जा सकता है और महिलाओं द्वारा चलाये जाने वाले व्‍यवसाय हरविकास प्रोग्राम के साथ अग्रिम रूप से ऑटोमेटिक छूट प्राप्‍त कर सकते हैं।

    किनारा की 6 राज्‍यों में 110 शाखाएं हैं और ये छोटे व्‍यवसाय उद्यमियों को 60,000 से अधिक कोलैटरल-फ्री लोन्‍स प्रदान कर चुके हैं। किनारा के वित्‍तीय समावेशन की प्रतिबद्धता के सामाजिक प्रभाव के फलस्‍वरूप उद्यमियों को 700 करोड़ रु. से अधिक की वृद्धिशील आय हुई है और ये भारत के स्‍थानीय अर्थव्‍यवस्‍थाओं में 250,000 से अधिक रोजगारों में सहयोग प्रदान कर चुके हैं।

    यू ग्रो कैपिटल की वर्तमान में 9 राज्यों में 34 शाखाएं हैं। इसका लक्ष्‍य वित्‍त वर्ष 2022 तक शाखा नेटवर्क का विस्‍तार करके 100 तक पहुंचाना है और इसका इरादा आगामी 4 वित्‍त वर्षों में 250,000 एमएसएमई तक पहुंचना है।

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